चालीस एक वर्षीय शरीर निर्माणकर्ता और अभिनेता वरिंदर सिंह घुमन, जिन्हें भारत का ‘ही-मैन’ कहा जाता था, गुरुवार को अमृतसर के फॉर्टिस हॉस्पिटल में कंधे की छोटी सर्जरी के दौरान दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। यह एक ऐसा अनुमान था जिसमें उन्हें उसी दिन घर भेज दिया जाना था। लेकिन बात कुछ और हुई। शाम 5 बजे, जब ऑपरेशन चल रहा था, तब उनका दिल रुक गया। उनके शरीर का रंग नीला पड़ गया — एक ऐसा दृश्य जिसने डॉक्टरों और परिवार को भी हैरान कर दिया।
एक ऐसा जीवन जो शरीर निर्माण की नई परिभाषा बन गया
वरिंदर सिंह घुमन केवल एक शरीर निर्माणकर्ता नहीं थे — वे एक आइकन थे। गुरदासपुर के रहने वाले ये व्यक्ति भारत के पहले शुद्ध शाकाहारी पेशेवर बॉडीबिल्डर बने। इस दुनिया में, जहां प्रोटीन का मतलब मांस और अंडे होता है, उन्होंने अपनी शाकाहारी आहार योजना के साथ एक नया मानक तैयार किया। 2009 में उन्होंने मिस्टर इंडिया का खिताब जीता। उसके बाद ऑस्ट्रेलिया ग्रैंड प्रिक्स में 2011 में जीत के साथ, उन्होंने भारतीय शरीर निर्माण को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले गए।
उन्हें भारत का पहला व्यक्ति बनने का गौरव मिला जिसे IFBB प्रो कार्ड मिला। इसका मतलब था कि वे दुनिया के सबसे बेहतरीन बॉडीबिल्डर्स के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकते थे। उनका नाम ‘आयरन मैन ऑफ पंजाब’ के रूप में भी प्रचलित हो गया। लेकिन उनकी शक्ति सिर्फ मांसपेशियों में नहीं थी — वह उनके अनुशासन और विश्वास में थी।
बॉलीवुड का भी एक अंग
वरिंदर सिंह घुमन की शानदार छवि ने बॉलीवुड को भी अपनी ओर आकर्षित किया। उन्होंने टाइगर 3 (2023) में सलमान खान के साथ अभिनय किया। उन्होंने मरजावान (2019) और रोर: सुंदरबन के बाघ (2014) जैसी फिल्मों में भी काम किया। उनका सलमान खान के प्रति समर्पण इतना गहरा था कि वे अक्सर सोशल मीडिया पर उनके साथ फोटो शेयर करते थे — जिन्हें लाखों लोगों ने लाइक किया।
उनकी मृत्यु के बाद, सलमान खान ने एक भावुक पोस्ट शेयर की। उन्होंने कहा — “उनका जीवन हमें सिखाता है कि शक्ति किसी भी आहार या प्रथा से नहीं, बल्कि अनुशासन से आती है।”
मृत्यु के बाद का शोक और सवाल
उनकी मृत्यु के बाद राजनीतिक नेता भी उनकी याद में आए। रवनीत सिंह बिट्टू, केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के नेता, ने ट्वीट किया — “पंजाब का गौरव, ‘ही-मैन ऑफ इंडिया’ वरिंदर घुमन का निधन देश के लिए अपूरणीय नुकसान है।”
कांग्रेस के सांसद और पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने उन्हें “पंजाब के लिए गौरव लाने वाले योग्य व्यक्ति” कहा और परिवार के लिए शक्ति की प्रार्थना की।
लेकिन इस सब के बीच एक बड़ा सवाल उठ रहा है — क्या फॉर्टिस हॉस्पिटल ने उनकी देखभाल में कोई गलती की? उनके भतीजे अमनजोत सिंह घुमन ने बताया कि ऑपरेशन छोटा था, और उन्हें उसी दिन घर भेजने की योजना थी। लेकिन अचानक दिल का दौरा पड़ने के बाद, डॉक्टरों और परिवार के बीच बहस शुरू हो गई। कुछ सूत्रों के अनुसार, ऑपरेशन थियेटर में देरी हुई, और जब दिल रुका तो तुरंत जीवन बचाने के लिए कदम नहीं उठाए गए।
एक ऐसा नमूना जो युवाओं के लिए प्रेरणा है
वरिंदर सिंह घुमन की कहानी बस एक शरीर निर्माणकर्ता की नहीं है। यह एक ऐसे व्यक्ति की है जिसने अपनी जीवन शैली के माध्यम से एक नया रास्ता खोला। शाकाहारी होकर भी वह दुनिया के सबसे बेहतरीन बॉडीबिल्डर्स के साथ प्रतिस्पर्धा कर सके। उन्होंने साबित किया कि शक्ति का मतलब बल नहीं, अनुशासन है।
उनके बारे में सोचने वाले युवा अब जानते हैं — आपको अंडे खाने की जरूरत नहीं है, आपको दूध और दालों का विश्वास करना है। उन्होंने एक नया दृष्टिकोण दिया। और अब जब वे नहीं रहे, तो उनकी याद उनके फैन्स के लिए एक जीवित आह्वान बन गई है।
अगले कदम
उनके परिवार ने अभी तक किसी विशेष जांच की मांग नहीं की है। लेकिन अगर अब भी एक जांच शुरू हो गई, तो यह भारत के फिटनेस और स्वास्थ्य सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण पाठ बन सकता है। क्या अस्पतालों में छोटी सर्जरियों के लिए भी तैयारी कम है? क्या बॉडीबिल्डर्स के लिए विशेष चेकअप नहीं होते? ये सवाल अब देश के सामने हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वरिंदर सिंह घुमन क्यों इतने खास थे?
वरिंदर सिंह घुमन भारत के पहले शुद्ध शाकाहारी पेशेवर बॉडीबिल्डर थे, जिन्होंने आहार के बिना मांस के भी दुनिया के शीर्ष स्तर पर पहुंचने का साबित किया। उन्हें 2009 में मिस्टर इंडिया और 2011 में ऑस्ट्रेलिया ग्रैंड प्रिक्स का खिताब मिला। उन्हें भारत का पहला आईएफबीबी प्रो कार्ड भी मिला, जिससे उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
उनकी मृत्यु के कारण क्या थे?
उनकी मृत्यु का कारण एक अचानक दिल का दौरा था, जो अमृतसर के फॉर्टिस हॉस्पिटल में कंधे की छोटी सर्जरी के दौरान हुआ। उनके परिवार और प्रबंधन के अनुसार, ऑपरेशन छोटा था और उन्हें उसी दिन घर भेजने की योजना थी। लेकिन ऑपरेशन के बीच ही उनका दिल रुक गया, और उनके शरीर का रंग नीला पड़ गया — जिससे अस्पताल की देखभाल पर सवाल उठे।
उनके लिए बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने क्या कहा?
सलमान खान ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट शेयर की, जिसमें उन्होंने घुमन को एक अनुशासित और निर्भीक व्यक्ति के रूप में याद किया। उन्होंने कहा कि घुमन ने शाकाहारी आहार के साथ शरीर निर्माण की नई परिभाषा दी। उनकी याद उनके फैन्स के लिए एक प्रेरणा है।
उनकी मृत्यु के बाद क्या असर हो सकता है?
उनकी मृत्यु ने भारतीय शरीर निर्माण क्षेत्र में एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है — क्या बॉडीबिल्डर्स के लिए नियमित हृदय जांच नहीं होती? क्या अस्पताल छोटी सर्जरियों के लिए भी तैयार नहीं हैं? यह एक ऐसा मामला है जो न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे फिटनेस उद्योग के लिए एक संकेत है।
क्या उनकी मृत्यु की जांच होगी?
अभी तक कोई आधिकारिक जांच की घोषणा नहीं हुई है। लेकिन उनके परिवार और दोस्तों के बीच अस्पताल की देखभाल पर सवाल उठ रहे हैं। अगर जांच होती है, तो यह भारत के स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अध्ययन बन सकती है — खासकर फिटनेस एथलीट्स के लिए।
उनका शाकाहारी जीवन शैली कैसे प्रभावशाली था?
शरीर निर्माण के दुनिया में प्रोटीन का अर्थ अक्सर मांस, अंडे और डेयरी होता है। लेकिन घुमन ने दालें, दूध, दही, अखरोट और अनाज से अपने शरीर को बनाया। उनकी रोजाना आहार योजना में 6-7 बार खाना और 200+ ग्राम प्रोटीन शामिल था — सब कुछ शाकाहारी। यह उनके अनुशासन का प्रमाण था।