के जे शिक्षा समाचार
  • टाटा डिमर्जर
दिसंबर, 31 2024
केरल की नर्स निमिषा प्रिया की मदद के लिए भारत का बड़ा कदम, यमन में मौत की सजा पर रोक का प्रयास

केरल की नर्स निमिषा प्रिया का मामला: भारत का समर्थन

जुलाई 2017 में केरल के पलक्कड़ जिले की नर्स निमिषा प्रिया ने यमन में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में अपना करियर बनाने का सपना देखा था। दुर्भाग्यवश, उनके जीवन का यह अध्याय संघर्ष और कानूनी जटिलताओं की एक कहानी बन गया। अब, भारत सरकार ने उनकी मौत की सजा को रोकने के लिए इंटरवेंशन शुरू कर दिया है। इस कार्रवाई की प्राथमिकता बढ़ती जा रही है, क्योंकि निमिषा की फांसी की सजा को यमन के राष्ट्रपति रशाद अल-आलिमी ने मंजूरी दे दी है।

परिस्थितियों की गहराइयां

निमिषा प्रिया को यमनी नागरिक तलाल अब्दो महदी की हत्या के आरोप में दोषी ठहराया गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, निमिषा ने कथित तौर पर महदी को अत्यधिक मात्रा में नशीली दवाएं देकर मार डाला, ताकि वह अपने पासपोर्ट को वापस प्राप्त कर सकें, जो महदी के कब्जे में था। यह घटना उन दोनों के बीच एक स्वास्थ्य क्लिनिक स्थापित करने और उसके बाद जुलाई 2017 में की गई उनकी शादी के बाद के समय की है। निमिषा का कहना है कि महदी के साथ उनके संबंधों में परेशानियां बढ़ रही थीं, जिसके कारण उन्होंने उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी।

रिश्ते की उलझनें और कानूनी जद्दोजहद

महदी की गिरफ्तारी हुई थी, मगर रिहा होने के बाद उन्होंने निमिषा को धमकाना जारी रखा। यमन की कानूनी प्रणाली में हत्या के अपराध के लिए मौत की सजा का प्रावधान है। ऐसी स्थिति में निमिषा के परिवार ने 'दिया' या रक्तपात के बदले मुआवजे का भुगतान करके मौत की सजा में छूट पाने का प्रयास किया। लेकिन इस मामले में सभी प्रयत्न विफल रहे।

मदद की अपील और कदम

निमिषा की मां, प्रेमा कुमारी, ने अपनी संपत्ति बेचकर बेटी की रिहाई के लिए यमन की राजधानी सना का सफर किया है, जहां वह पीड़ित के परिवार से बातचीत कर रही हैं। सरकार ने इस मामले में स्थिति को जांचते हुए बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि वे निमिषा की मदद के लिए सभी संभव मदद प्रदान कर रहे हैं।

भारतीय विदेश नीति की परीक्षा

इस मामले ने विदेशी कानूनी प्रणालियों से जूझते भारतीय नागरिकों की चुनौतियों को उजागर किया है। भारतीय नागरिकों को इन स्थितियों में समर्थन देना भारत के लिए विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। निमिषा के मामले का समाधान क्या होगा, यह समय ही बताएगा, लेकिन इस बीच सरकार उनकी सजा के खिलाफ अंतिम क्षण तक प्रयासरत है।

अंतरराष्ट्रीय दबाव का महत्व

निमिषा प्रिया का मामला एक उदाहरण है कि कैसे जटिल कानूनी प्रक्रिया और विदेशी धरती पर काम कर रहे भारतीयों के लिए समर्थन सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। इस मामले में अंतरराष्ट्रीय दबाव और बातचीत का प्रभुत्व आवश्यक हो सकता है। भारतीय सरकार के लिए यह एक चुनौती बनी हुई है कि वह अपने नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित कर सके।

टैग: निमिषा प्रिया केरल नर्स यमन मौत की सजा
लोकप्रिय लेख
जैसे ही असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा शपथ के दौरान 'जयहिंद, जयतेलंगाना, जयफिलिस्तीन' का नारा लगाया, मचा बवाल

जैसे ही असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा शपथ के दौरान 'जयहिंद, जयतेलंगाना, जयफिलिस्तीन' का नारा लगाया, मचा बवाल

जून, 26 2024

संविधान दिवस समारोह में विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश: सरकार पर उठे सवाल

संविधान दिवस समारोह में विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश: सरकार पर उठे सवाल

नव॰, 26 2024

पूर्व RBI गवर्नर शक्तिकांत दास बने प्रधानमंत्री मोदी के प्रधान सचिव-2

पूर्व RBI गवर्नर शक्तिकांत दास बने प्रधानमंत्री मोदी के प्रधान सचिव-2

मार्च, 4 2025

आईसीएआई सीए फाउंडेशन और इंटरमीडिएट परिणाम 2024: जानें कैसे करें ऑनलाइन जांच

आईसीएआई सीए फाउंडेशन और इंटरमीडिएट परिणाम 2024: जानें कैसे करें ऑनलाइन जांच

अक्तू॰, 30 2024

मलाइका अरोड़ा के पिता अनिल अरोड़ा का निधन: मुंबई में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

मलाइका अरोड़ा के पिता अनिल अरोड़ा का निधन: मुंबई में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

सित॰, 11 2024

प्रसिद्ध टग्स
  • क्रिकेट
  • भारत
  • शेयर बाजार
  • टेनिस
  • लाइव स्ट्रीमिंग
  • बॉक्स ऑफिस कलेक्शन
  • मुंबई
  • रोहित शर्मा
  • पेरिस ओलंपिक
  • बांग्लादेश
  • इंग्लैंड
  • आईपीएल 2025
  • असदुद्दीन ओवैसी
  • अरविंद केजरीवाल
  • T20 विश्व कप
  • सेमीफाइनल
  • विराट कोहली
  • यूरो 2024
  • बजट 2024
  • फुटबॉल मैच
के जे शिक्षा समाचार
  • हमारे बारे में
  • सेवा नियम
  • गोपनीयता नीति
  • संपर्क करें
  • DPDP

© 2026. सर्वाधिकार सुरक्षित|