वॉशिंगटन की नमी भरी शाम और भरे हुए स्टैंड्स—ऐसा माहौल जिसमें खेल की बड़ी कहानियां लौटती हैं। वहां, 45 साल की Venus Williams ने 16 महीनों के लंबे ब्रेक के बाद सिंगल्स कोर्ट पर कदम रखा और सीधे वर्ल्ड No. 35 Peyton Stearns को मात दी। यह उनकी मार्च 2024 के बाद पहली प्रतिस्पर्धी सिंगल्स जीत है, और वह भी ऐसे टूर्नामेंट में जहां हर राउंड में तेज़ी, तंदुरुस्ती और नर्व्स का कड़ा टेस्ट होता है।
यह वापसी आसान नहीं थी। यूटेरिन फाइब्रॉयड्स की सर्जरी के बाद Williams ने टूर से दूरी बनाई थी। रिहैब, फिटनेस और टेनिस टाइमिंग—तीनों मोर्चों पर महीनों की जद्दोजहद के बाद वह फिर से उसी ऊर्जा के साथ लौटीं जिससे उनका नाम टॉप-लेवल टेनिस का पर्याय बना। उन्होंने शुरुआत में घबराहट दिखाई—ओपनिंग गेम में बिना कोई प्वाइंट जीते सर्विस गंवाई, कुछ बेवजह की गलतियां भी हुईं। लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, उनकी पुरानी रफ्तार और रिद्म लौटती दिखी।
उनकी सर्विस रात की खास हेडलाइन रही। स्पीड गन ने 112 मील प्रति घंटा तक के आंकड़े दिखाए, और कई अहम पलों पर उन्होंने ऐस या अनरिटर्नेबल फर्स्ट सर्व से दबाव तोड़ा। ग्राउंडस्ट्रोक्स में भी दम था—फ्लैट फोरहैंड और डीप बैकहैंड ने Stearns को बेसलाइन से खदेड़ा। हां, बीच-बीच में कुछ शॉट्स नेट में फंसे या बाहर गए, पर जब मैच प्वाइंट्स आए, तो अनुभव काम आया। पांच मौके निकल गए, मगर छठे मौके पर उनकी तेज सर्विस को Stearns नेट में लौटा बैठीं और मैच हाथ आ गया।
जीत के बाद क्लासिक ‘पिरुएट’ और दर्शकों की ओर हाथ हिलाकर शुक्रिया—Williams की बॉडी लैंग्वेज बता रही थी कि यह जीत सिर्फ स्कोरलाइन नहीं, धैर्य और आत्मविश्वास की वापसी भी है। उनके चेहरे की हल्की नमी और मुस्कान का कॉम्बो हर उस खिलाड़ी की कहानी कह गया जो चोट या बीमारी के बाद फिर से टूर की रफ्तार पकड़ता है।
Stearns 23 साल की हैं, NCAA सिंगल्स और टीम खिताब जीत चुकीं, और तेजी से ऊपर आईं यूएस टेनिस की नई पीढ़ी का चेहरा हैं। मैच के बाद उन्होंने साफ कहा, “वो आज सच में खेल दिखाकर गईं। उनकी मूवमेंट उम्मीद से बेहतर थी। उनकी सर्विस तो आग जैसी थी।” एक टॉप-40 प्रतिद्वंद्वी से ऐसा बयान आना बताता है कि Williams की एथलेटिसिज़्म और शॉट-मेकिंग अभी भी खतरनाक है।
टैक्टिकली, Williams ने पॉइंट्स को छोटा रखने की कोशिश की—फर्स्ट-स्ट्राइक टेनिस, शुरुआती दो-तीन शॉट्स में दबाव, और मौका मिलते ही एप्रोच। लंबे रैलियों में उन्होंने चुनिंदा तौर पर एंट्री ली, खासकर जब रिटर्न शॉर्ट मिला या बैकहैंड क्रॉसकोर्ट से एंगल खुला। यह प्लान 45 की उम्र में एकदम तर्कसंगत है—कम रैलियां, ज्यादा असर।
बीते 16 महीनों की तस्वीर भी साफ है। सर्जरी के बाद शरीर को टूर-लेवल लोड के लिए तैयार करना, मैच फिटनेस बनाना और शॉट-टाइमिंग वापस पाना—इन तीनों में समय लगता है। Williams ने इंटरव्यू में कहा भी, “आसान नहीं है। आसान होगा भी नहीं। यहां किसी के लिए आसान नहीं होता। मुझे हर मैच के लिए लड़ना होगा, और मैं तैयार हूं।” यह लाइन सिर्फ स्टेटमेंट नहीं, उनकी नई रूटीन का सार है।
करियर रेज़्यूमे अपने आप में सबूत है—7 ग्रैंड स्लैम सिंगल्स, जिनमें यूएस ओपन 2000 और 2001, 14 विमेंस डबल्स (सभी बहन Serena के साथ) और 2 मिक्स्ड डबल्स खिताब। मगर इस जीत की खास बात उनके ट्रॉफी कैबिनेट से नहीं आती, बल्कि उस जज्बे से आती है जो कहता है—खेल उम्र नहीं, तैयारी और हिम्मत पूछता है।
इस नतीजे का अगला पड़ाव है पांचवीं वरीयता प्राप्त Magdalena Frech से भिड़ंत। Frech बेसलाइन पर सॉलिड, रिट्रीवल में मजबूत और एरर-काउंट कम रखने वाली खिलाड़ी हैं। उनके खिलाफ सर्विस प्रतिशत और पहले स्ट्राइक की गुणवत्ता बेहद अहम होगी। लंबी रैलियों में धैर्य चाहिए, पर Williams यदि फर्स्ट सर्व और रिटर्न से शुरुआती बढ़त लेती हैं, तो पेस और एंगल से मैच को अपने टेम्पो में ला सकती हैं।
वॉशिंगटन के इस टूर्नामेंट ने कई बार वापसी की कहानियों को मंच दिया है—गर्माहट, नाइट सेशंस और उत्साही क्राउड। सोमवार की रात भी कुछ वैसी ही थी। स्टैंड्स से अक्सर “वी-नस! वी-नस!” सुनाई देता रहा, और हर बड़े पॉइंट पर तालियां बता रहीं थीं कि दर्शक इतिहास का एक छोटा हिस्सा बनने आए हैं।
अब बात न्यूयॉर्क की। Williams को यूएस ओपन सिंगल्स के लिए वाइल्ड कार्ड मिल चुका है, और 45 की उम्र में वह 1981 के बाद टूर्नामेंट की सबसे उम्रदराज सिंगल्स प्रतिभागी होंगी। वहां का दबाव अलग होता है—शोरगुल, आर्थर ऐश का विशाल स्टेडियम, रात के मैच और मीडिया की तेज रोशनी। लेकिन एक चीज उनके पक्ष में है—अनुभव। उन्होंने वहां बड़े-बड़े मैच जिए हैं, और न्यूयॉर्क का दर्शक उनकी फाइट को पुरस्कृत करना जानता है।
लंबी गैरहाजिरी के बाद पहली जीत अक्सर मोड़ बनती है। यह रैंकिंग पर तुरंत भारी असर न डाले, लेकिन ड्रेसिंग रूम का टेम्परेचर बदल देती है—प्रतिद्वंद्वी जानते हैं कि सामने खड़ी खिलाड़ी अवसर मिलने पर मैच पलट सकती है। Williams ने ठीक वही संदेश भेजा है—टूर में उनकी मौजूदगी सिर्फ नॉस्टैल्जिया नहीं, कॉम्पिटिटिव है।
कहानी के कुछ नंबर इसे और साफ करते हैं:
मैच के बाद Williams ने मुस्कुराते हुए कहा, “यह आसान सफर नहीं है, न ही होगा। पर मैं हर पॉइंट के लिए लड़ने को तैयार हूं।” यही फॉर्मूला उन्हें अगले राउंड, और आगे यूएस ओपन में काम आएगा। सर्विस को भरोसेमंद रखते हुए, रिटर्न से शुरुआती पहल बनाते हुए और रैलियों की लंबाई पर कंट्रोल रखते हुए, वह किसी भी दिन बड़े नामों को चुनौती दे सकती हैं।
फिलहाल, वॉशिंगटन की रात ने गेम को फिर से उसकी सबसे पुरानी सच्चाई याद दिलाई—क्लास स्थायी होती है। और जब क्लास के साथ फिटनेस और फाइट जुड़ जाए, तो उम्र सिर्फ एक नंबर रह जाती है।
दूसरे राउंड में Polish खिलाड़ी Magdalena Frech के खिलाफ मैच Williams के लिए रणनीतिक परीक्षा होगा। उन्हें रैलियों की दिशा जल्दी बदलनी होगी, नेट एप्रोच का इस्तेमाल बढ़ाना होगा और बैकहैंड डाउन-द-लाइन से सरप्राइज लाना होगा। टेनिस में दो चीजें हमेशा काम आती हैं—पहला सर्व और नर्व मैनेजमेंट। Williams के पास दोनों का खजाना है; बस उन्हें उसी टेम्पो में रहना है जिसे उन्होंने वापसी की रात सेट किया।
और हां, न्यूयॉर्क इंतजार कर रहा है। वाइल्ड कार्ड के साथ वह वहां सिर्फ भाग नहीं लेंगी, बल्कि लड़ेंगी—ठीक वैसे ही जैसे वॉशिंगटन में किया। खेल का कैलेंडर आगे बढ़ता रहता है, पर कुछ रातें अपनी जगह बना लेती हैं। यह भी उन्हीं में से एक है।